भावपूर्ण श्रद्धांजलि कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जीवन केवल उनके अपने परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे अपने ज्…
राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस हर साल यह गंभीर अवसर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की बरसी के दिन मनाया जाता ह…
शीर्षक - 1- संगम तीरे तर्पण या / 2- फरेब / 3- कहानी 'संगमा' मृत्यु के दरवाजे पर दस्तक देती हुई, सिसकती…
रंजना नदी के किनारे बालू पर बैठी लहरों का आना -जाना और उठना- गिरना एकटक हो कर देख रही थी। उसका ध्यान कहीं और था। सूरज…
भारतीय संस्कृति के लिए विवादास्पद परन्तु एक बड़े वृद्ध समुदाय के लिए 'प्रश्न चिह्नके से अधिक 'टैबू' (निषेध)…
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव चिरैया में रामप्रसाद जी का बड़ा संयुक्त परिवार रहता था। मिट्टी की सोंधी खुशबू, आँगन में…
आधुनिक युग को प्रतिस्पर्धा और महत्वाकांक्षा का युग कहा जाता है। प्रत्येक व्यक्ति जीवन में अधिक सफलता, धन, प्रतिष्ठा और …
भिलाई पावर हाउस में छात्रों पर हमला: क्या अब भी प्रशासन जागेगा नहीं? आज मेरा मन बेहद व्यथित और आक्रोश से भरा हुआ है। मे…
अप्रैल की बारह तारीख को जब यह खबर मिली कि आशा ताई नहीं रहीं तो विश्वास नहीं हुआ। वे सुरों की संभावना ही नहीं, अद्भुत …
( दो प्रवक्ता विद्यालय में सुबह के खाली समय में पुस्तकालय में बातचीत करते हुए। प्रज्ञा समाजशास्त्र विनीता मनोविज्ञान प्…
*युद्ध नहीं समाधान* धधकती धरती की साँसों में बारूद की गंध है, आकाश भी आज जैसे रोता हुआ निर्जन छंद है। मानवता की आँखों म…
एक छोटे से गांव में सिया नाम की लड़की रहती थी। उसका घर मिट्टी का बना था। दीवारों पर समय की गहरी दरारें थीं और छत बारिश …
आधुनिक भारत की लंबी और बेचैन कथा में बहुत कम दृश्य-इतिहासकार ऐसे हुए हैं जिन्होंने रघु राय जैसी नैतिक स्पष्टता, भावनात्…
24 दिसंबर की सर्द सुबह थी। मैं अपनी बहनों, बेटे मानित और भांजे वंश के साथ बांके बिहारी गली में खड़ी थी। भीड़ इतनी कि पै…
मैं कौन हूँ, क्या नाम मेरा, बस इतना जानो 'मज़दूर' हूँ, सम्मान मिला जो आज मुझे, मैं खुद भी उससे हैरान हूँ। कहते …
लघुकथा "बाबा माँ कब आएगी मुझे भूख लगी है" कहते हुए श्यामली ठुनकने लगी। "आ जायेगी मेरी गुड्डो हो सकता ह…
लघुकथा मैं हर दिन तेरा इंतजार करती लेकिन एक दिन पता चला की तुम बहुत बिमार हो।मैं जब तुमसे मिलने गयी ,तब मैनें कहा कम स…
खेली जा रही होली रंजिशों की, फेसबुकिया जीवन हैरान हो रहा है....... समझ नहीं आता कर रहा है कौन , कौन परेशान हो रहा है ..…
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