आप का इस बेवसाइट पर स्वागत है। साहित्य सरोज पेज को फालो करें( https://www.facebook.com/sarojsahitya.page/
चैनल को सस्क्राइब कर हमारा सहयोग करें https://www.youtube.com/channe /UCE60c5a0FTPbIY1SseRpnsA
मुद्दत से किया हैं हमने इन्तजार तुम्हारे आने का
ना चलेगा कुछ भी जोर अब किसी बहाने का
जो तू फ़िर रूठ गया हैं
कर रही हू एक प्रयत्न फ़िर से तुझे मनाने का ,,,
बचा नही है समय अब देखो जरा कुछ भी गवाने का
सहारा देख रही हैं चिड़िया घर अपना बनाने का
चलेगा नही अब जोर हवा का
रोक ना सके कोई रास्ता उसके यहा पर आने का,,
जरा जरा मे बात ना होती मन विचलित हो जाता हैं
मन के अन्दर एक बवंडर जरा भी सम्भल ना पाता हैं
तू रूठा तो मेरा रब है रूठा
किया है वादा एक दूजे से हर दम साथ निभाने का,,
मेघा मिश्रा,,,,,
नरसिंहपुर मध्यप्रदेश
न. 9713505954
0 टिप्पणियाँ