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हमसे होई नाही कपडा के धुलाई पिया ।
हम करब पढाई पिया ना ।
रउरा जाई सब्जी मंडी
लेके आई सब्जी ताजा ।
रुउवा सब्जी बनायब ।
हम खाईब पिया ।
हमसे होई नाही कपडा के धुलाई पिया ।
रौरा जाईबी जब बजार लाईब कपडा हज़ार ।
रोज़ नया नया पहिन हम जाईब पिया ।
हमसे होई ना कपडा का धुलाई पिया ।
हम करब पढाई पिया ।
चन्दा मिश्रा लखनऊ
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