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आया सावन झूम के
बादल गरजे बिजली चमकी
मन हुआ बड़ा उदास
बीती बातें बेचेन कर रही
देखो आया सावन झूम के
देखो आया सावन झूम के
बिजली चमकी घर की बिजली गोल
इदं धनुष के सात रंगों ने
दिल मे भर दिये रंग
देखो आया सावन झूम के
रंग बिरंगे फूल खिले हैं मोगरे की बहार
सखियां आई गजरा लाई
देखो आया सावन झूम के
बीती बातें बेचेन कर रही
डोल नगाड़े की आवाज़ो से
में सोच रही थी पर
इनके आने की आहट से
मन हुआ बड़ा प्रसन्न
देखो आया सावन झूम के
डाल डाल पर झूले डल गये
मंदिर मंदिर डोल मंजीरे
मधुर मधुर है गीता गा रहे
भक्त जनों की टोली
देखो आया सावन झूम के
तोता मेना बात कर रहे
मोर हुआ प्रसन्न
मोर मोरनी दोनों चल दिये
घोर जंगल की ओर
देखो आया सावन झूम के
मे भी भागी सेलभी लने
मोर मोरनी के पिछे
सेलभी लेते लेते
में थक कर हो गई चुर
देखो आया सावन झूम के
देखो आया सावन झूम के
रागिनी मिश्रा, विदिशा मध्यप्रदेश
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