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अनिता को घुमना फिरना अच्छा लगता था, साथ ही मजदूरों से किसानों से उनके काम के बारे में, बच्चों के बारे में बात कर लिया करती थी, ऐसे ही एक बार अनिता घुमते हुए एक गाँव के बाहर देखती है कि किसान अपने टमाटर की फसल को सड़कों पर फैंक रहा था तो उसने पुछा काका ये इतने अच्छे टमाटर फेंक क्यों रहे हो. किसान बोला क्या करूँ बहन जी टमाटर की फसल इतनी अच्छी हुई है कि 2₹ किलो में भी कोई नहीं खरीद रहा. अरे काका तुम्हें नहीं पता इनसे तुम सास बना, चटनी बना सकते हो और इसका किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है और इनके उद्योग लगाने के लिए सरकार लोन भी देती है और टमाटर ही क्यों मेहनत से पैदा की गई किसी भी फसल का उपयोग तुम नई नई चीजे बनाकर कर सकते हो. जी मेडम इस तरह तो हमें कभी भी भुखा नहीं मरना पड़ेगा. धन्यवाद मेडम।
चन्दा डांगी आदित्य सीमेंट चित्तौड़गढ़ राजस्थान
अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच- सदस्य
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