आप का इस बेवसाइट पर स्वागत है। साहित्य सरोज पेज को फालो करें( https://www.facebook.com/sarojsahitya.page/
चैनल को सस्क्राइब कर हमारा सहयोग करें https://www.youtube.com/channe /UCE60c5a0FTPbIY1SseRpnsA
आया सावन आया सावन,
कहती है फूलों की डाली।
मैं झूम उठी मानो ऐसे,
जैसे हूँ मैं ही मतवाली।।
खिल उठा सदन कानन मेरा,
जो सूखा था रवि के तप से।
अब तो है खुश कुटुम्ब मेरा,
जब से कारे बदला बरषे।।
हो उठी कोकिला मतवाली,
जो बैठी वृक्षों की डाली।
जो गीत सदैव मधुर गाती,
भाती है जिसको हरियाली।।
आया सावन आया सावन,
कहती है फूलों की डाली..
.
©️ राघवेंद्र सिंह 'रघुवंशी'
पत्योरा हमीरपुर उत्तर प्रदेश
0 टिप्पणियाँ