आर ओ का पानी -शिल्‍पा

आर ओ का पानी स्वास्थ्य का दुश्मन कथन सत्‍य या असत्‍य पर शिल्‍पा अरोड़ा


पानी का दूसरा नाम है जीवन जैसे जीवन जीने के लिए सांसो की जरूरत है वैसे ही पानी की भी जरूरत है यह हमारे लिए जीवनदान है अन्न के बिना इंसान कई दिनों तक रह सकता है पर जल के बिना नहीं आज हम अपनी आधुनिकता का बखान करते नहीं थकते। उसी का कुछ अंश हमने पानी को भी दे दिया यूं तो हम पानी शब्द दिन भर सुनते रहते हैं परंतु कैसा पानी पीना है इन बातों से हम सब में से बहुत से लोग अनजान हैं तो आइए सबसे पहले यह जान लेते हैं कि आर ओ यानी रिवर्स ऑस्मोसिस जिसे पानी की मशीन कहा जाता है और जिसे लगाकर हम बड़ी शान से कहते हैं हमारे घर तो आर ओ है पर जय भूल जाते हैं या अनजान बन जाते हैं कि यह हमारी सेहत पर साफ पानी के नाम पर कितना बुरा असर डाल रहा ।
इस पानी से हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं बच्चों की बढ़ती उम्र में जब उनको कैल्शियम मैग्नीशियम की जरूरत होती है वह यह पानी सब खत्म कर देता है बुजुर्गों के लिए भी यह उतना ही घातक है। 
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर यह बताता है कि 99%तक यह पानी को यह शुद्ध करता है , पर पानी में सिर्फ अशुद्धता नहीं होती  आर रो के साफ करने पर बेहद जरूरी खनिज उसमें से निकाल देता है जिससे हमें कैंसर जैसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।
परंतु डब्ल्यूएचओ ने यह प्रमाणित किया है कि अगर फिर भी आप आरो का पानी देना चाहते हैं तो कुछ सावधानियां बरतनी होंगी जैसे उसका टीडीएस लेवल नियमित तौर पर चेक कराएं टीडीएस मतलब टोटल डिसऑलवड सॉलिड जोकि‌ 190-350 होना चाहिए। इससे नीचे यह बीमारियां उत्पन्न करता है हमारा शरीर 70 परसेंट पानी से बना है और हमें और पानी की पूर्ति बाहर से पूरी करनी है इसलिए हमारा पीने का पानी पूरी शुद्धता और खनिजों से भरपूर होना चाहिए जोकि हमें पूरा स्वास्थ्य लाभ दें।


 


शिल्‍पा अरोड़ा विदिशा



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