विश्व एथलेटिक्स दिवस -ज्योति सिंह

 विश्व एथलेटिक्स दिवस -


हर स्कूल में जागरूकता फैलाना है 

युवा पीढ़ी को खेल में आगे लाना है,

स्वस्थ तन के साथ मन का विकास होगा ,

खेल प्रगति से ही युवा के जीवन में प्रकाश होगा।।


हर क्षेत्र से खेल में आगे बढ़ जाना है 

भारत में स्वास्थ्य को अग्रसर बनाना है 

तीव्र गति से रोगों का खात्मा कर जाएगा 

जब हर विद्यालय में एथलीट दिवस मनाया जाएगा। 


मानसिक शांति का यह अनुकूलन है 

विकार- विकृति का यह  संतुलन है 

मन की गतिविधियों पर रोक लगाना है,

एथलेटिक्स दिवस को खास बनाना है।


गर्भ से ही बालक क्रीडा क्षेत्र में आ जाते हैं 

अपने शरीर का विकास इसी क्षेत्र में कर पाते हैं 

तो क्यों हम इन पर रोक लगाए?

इनके चंचलता को हम छिपाए।


उनकी चंचलता को उड़ान दे 

अपने बच्चों को नई पहचान दे

हर- राह उनकी कदम चूमेंगी 

आने वाली पीढ़ी उनकी धुन सुनेगी।


इस धून के तरंग को हर कानों तक पहुंचाना है 

खेल की शक्ति क्या होती है यह बतलाना है 

मानसिक अशांति इस खेल से ही खत्म हो जाती है,

शरीर का हर विकार खेल से ही नष्ट हो पाती है।


ज्योति राघव सिंह 

वाराणसी (उत्तर-प्रदेश)
87368 43807



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