22/72026,
साहित्य सरोज पत्रिका का,
साप्ताहिक लेखन प्रतियोगिता '02 ,
बुधवार -गुरूवार,
चित्र पर काव्य,
विधा-चित्र पर आधारित,
छंद मुक्त-गीत,
खत
रचनाकार -आशा लता दुबे ,
एक खत ही तो लिखा था ,
तुम क्यों खफा हो गई, छोटी सी बात पर, रुसवा हो गई ,
मेरे प्रेम से तुझे कोई खतरा ना था ,
दीवानगी का वह इजहार भर था ,
माना कि मैं नहीं हूं तेरे काबिल,
पर तुम क्यों मुझसे इतना नाराज हो गईं,
माफ कर दो जो खता मैंने की है,
तुमसे प्रेम ही तो किया है,
कोई बेवफाई तो नहीं की है,
रचियता-आशा लता दुबे
74 /शिवा रायल पार्क फेस वन सलैया भोपाल,मध्य प्रदेश,
इस समय यूरोप प्रवास पर पेरिस (फ्रांस)
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