गोपालराम गहमरी साहित्य महोत्सव में प्रति वर्ष संस्था द्वारा गहमर के जीवित या मृतक एक पुरोधा को गहमर गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाता है।
इस क्रम में इस बार वर्ष 1953 में जन्म लिए गहमर के विभिन्न आन्दोलनों, आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जिन्हें यादाश्त के मामले में गहमर का सुपर कम्प्यूटर भी कहा जाता है। कोई भी घटना, दुर्घटना, आयोजन, व्यक्ति की डिटेल डेट टाइम और पूरी जानकारी के साथ याद रखने वाले, जिनकी आवाज एक पहचान है, ऐसे हमारे अग्रज श्री बाल्मिकी सिंह जिन्हें लोग नेता जी के नाम से भी पहचानते हैं उनको 20 दिसंबर की शाम 11वें गोपालराम गहमरी साहित्य एवं कला महोत्सव में पूर्व विधानक श्रीमती सुनीता सिंह के द्वारा ''साहित्य सरोज गहमर गौरव'' सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस क्रम में संस्था द्वारा गहमर के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर मैगर सिंह, प्रथम सांसद स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह गहमरी, प्रसिद्ध जासूसी उपन्यासकार स्वर्गीय गोपालराम गहमरी, गहमर इंटर कालेज के संस्थापक स्वर्गीय रामयश सिंह तहसीलदार, गहमर के पूर्व चिकित्स स्वर्गीय पारस नाथ पंडित जी , भूतपूर्व सैनिक सेवा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय मार्कंडेय सिंह, कर्नल रणजीत उपाध्याय जी, गहमर इंटर कालेज के पूर्व अध्यापक हृदय नारायण सिंह (रेल आंदोलन) को दिया जा चुका है।
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