उस दिन विभा को कहीं जाना था और उसके पास फोन आया कि तुम जल्दी से अस्पताल पहुंचो, तुम्हारी बेटी का एक्सिडेंट हो गया है। विभा ने सुना और व्याकुल हो उठी और सबसे पुछताछ करने लगी कि रमा को क्या हो गया और अब वो कैसी है?
उस दिन विभा ने ठीक से नाश्ता भी नहीं किया था और अचानक से अस्पताल कि ओर बढ़ चली थी ।
उसका ब्लडप्रेशर भी डाउन सा हो चला था, वहीं डां को दिखा कर अपनी और बेटी रमा की सेवा में लग गई । दुसरे दिन उसे घर पर ले आई थी और स्कूल से छुट्टी ले ली।
उस दिन यदि स्कूल चली जाती तो अपनी बेटी रमा की खबर भी नहीं मिल पाती क्योंकि स्कूल के नियम के अनुसार मोबाइल साथ में नहीं रख सकते हैं।
जब तीन बजते हैं तब ही मोबाइल हाथ में आता हैं।
वो तो उस दिन ईश्वर का भला हो जो घर से निकलने ही वाली थी कि यह खबर मिली।
रमा ने अपनी मां विभा को गले लगाया और धन्यवाद दिया, दोनों गले लगकर रोने लगी
उस दिन मां बेटी के मिलन से सबकी आंखें गीली हो आई।
ममता गिनोड़िया मुग्धा
+91 94356 10538
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