सुरेन्द्र सिंह की कहानी उस दिन

*साहित्य सरोज पत्रिका का साप्ताहिक लेखन प्रतियोगिता '01*

वैज्ञानिक पति और उसकी पत्नी को एक साथ रात में एक पार्टी में जाना था। देर होने के बाद जब पति घर न लौटा तब पत्नी ने अपने वैज्ञानिक पति को उसके दफ़्तर में फोन किया !
पत्नी: आज आप शाम को दफ़्तर से घर वापस जल्दी आये नहीं, बाहर पार्टी में जाना था,हम लेट हो रहे हैं ।अभी औऱ कितना वक़्त लगेगा आने में ! 
पति: प्रिये, आज मैं अपनी विशेष टीम के कुछ वैज्ञानिकों के साथ एक ' बेहद खास प्रयोग में व्यस्त हूँ ' !
पत्नी: कैसा प्रयोग हो रहा है अचानक ,सुबह तो ऑफिस जाते वक़्त आपने इसके बारे में मुझें कुछ भी नहीं बताया था  ?
पति: दरअसल आज अचानक दूसरे शहर से मेरा एक पुराना वैज्ञानिक मित्र हमारे दफ़्तर चला आया तो हम सब वैज्ञानिकों ने मिलकर ये योजना बनाई कि आज शाम में साथ एक महत्वपूर्ण रिसर्च को अंजाम दिया जाए । तब हमने एक विशेष यौगिक C2H5OH (शराब) में सामान्य तापमान पर H20 (पानी) और तरल Na2CO3 (सोडा) मिलाया ! इस मिश्रण को निम्न तापमान पर पहुँचाने के लिये हमने इसमें अत्यधिक निम्न तापमान वाले ठोस H2O (बर्फ) को भी तय मात्रा में डाला है! अभी हम बाहर से प्रोटीन (चिकन टिक्का) तत्व के आने का इंतज़ार करते हुये प्रयोगशाला के वातावरण को निकोटीन (सिगरेट) की वाष्प से लगातार सुवासित कर रहे हैं ! यह प्रयोग 5-6 चरणों तक चलेगा! इसलिए आज आने में ज्यादा देर हो सकती है।
पत्नी : ओह, सॉरी, मैंने आपको ख़ामख़्वाह डिस्टर्ब कर दिया, आप अपने काम पर ध्यान दो! मैं अपने लिये खिचड़ी बना लेती हूँ! आप भी कुछ मंगवा कर ख़ा लेना।
सुरेन्द्र सिंह, हावड़ा, पश्चिम बंगाल 
संपर्क:-9748837443

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