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रुची की शादी को दो साल हो गए थे। पति का प्यार क्या होता है,उसने नहीं जाना। पहली रात को बस पति ने अपनी सभ्यता का परिचय दिया था ढ़ंग से बात की। दुसरे दिन से तो वह उसके लिए वह एक हाड मांस की स्त्री की शरीर मात्र थी। उसे अपने जीवन से नफरत हो चली थी। जीने की लालसा मर चुकी थी। विवाह के तीसरे महीने जब उसे पता चला कि वह माँ बनने वाली है तब उसे अपने जीवन से प्यार होने लगा। बच्चे के आने के खुशी ने उसमें फिर से प्राण फूंक दिये। इस बच्चे के लिए वह सब सह लेगी पर भगवान ने उसे भी छीन लिया। डॉक्टर ने परीक्षण के पश्चात कहा रुची बहुत कमजोर है ताकत का एक सुई लगेगा, सुई लगते गर्भपात हो गया। रुची का तो संसार ही लुट गया। वह बहुत रोई टूट सी गई वह तो बच्चे के कारण इस दरिंदें के साथ फिर से जीने को तैयार थी।पर भगवान ने उसकी जल्दी ही फिर उसकी सुन ली, वह पुनः गर्भवती हो गई, उसने भगवान को बहुत धन्यवाद दिया। पर फिर से वही सुई और वही गर्भपात ..? वह बहुत चिंता में थी आखिर ताकत के सुई से गर्भपात कैसे हो जा रहा है..? इस बार फिर से वह माँ बनने वाली है। शादी के बीस महीने में यह तीसरी बार था।इस बार उसने सोचा किसी को नहीं बताऊंगीं ।पर सास की अनुभवी आँखों ने ताड़ लिया। कहने लगी मुझे तेरा चेहरा दो दिन से मुझे पीला लग रहा था, रुची चुपचाप उनका मुंह देख रही थी। शाम को पति के आते डॉक्टर के यहां जाने की बात हुई। इस बार रुची ने डॉक्टर के पास जाने में स्वयं ही दिलचस्पी दिखाई। दुसरे दिन सब डॉक्टर के यहां गये डॉक्टर साहिबा ने रुची को उसी हरे पर्दे के पीछे लेटने को कहा। रुची ने अपना बडा़ सा पर्स बाहर जहां उसकी सास और पति बैठे थे टांग दिया, और चुपचाप जाकर लेट गयी। रुची बाहर की बात सुनना चाह रही थी, पर सुनाई नहीं दे रहा था, बस डॉक्टर का हाथ और उसे उसके पतिऔर सास का सर हिलता दिख रहा था ।थोडी देर बाद डॉक्टर अंदर आई और बोली," तुम लोग समझते नहीं हो.. अभी बच्चा नहीं करना चाहिए था.. तुम कितनी कमजोर हो गई हो..!"फिर उन्होंने उसका परीक्षण किया, और लेटे रहने का आदेश देकर बाहर चली गई, रुची चुपचाप लेटी रही।डॉक्टर थोडी़ देर में आई और बोली,"तुम बहुत कमजोर हो रुची.. दो-दो गर्भपात हो चुका है.. मुझे तुमको एक ताकत का सुई लगाना ही पडेगा..?" रुची चुप रही, डॉक्टर नर्स को सुई लाने को कहा। तब तक रुची उठ़ कर बैठ चुकी थी। जैसे ही उन्होंने सुई उठाया रुची ने कहा,"आप मुझे कमजोरी के कारण.. सुई लगा रही हैं..? "वो बोली,"हाँ.. बताया तो..!""नहीं$$?" रुची जोर से चीख कर बोली!"आप मेरा यह बच्चा भी मारना चाहती है.. जैसे आपने मेरे पहले दोनों बेटियों को मारा था.. क्योंकि यह भी बेटी है..मैं सब जान चुकी हूं...!"डॉक्टर का चेहरा एकदम से फक् हो गया, उन्होंने सुई को रखा और बाहर की ओर भागी। रुची के पति और सास बैठे थे, रुची भी पीछे-पीछे आ गई। पति रुची की बात सुनकर चिल्लाना चाहते थे, तभी रुची बोली," यहां जो भी हो रहा है..वह सब मेरे मोबाईल में रिकॉर्ड हो रहा है..?"उसके पति झट से उठे,उन्होंने रुची के पर्स से मोबाइल निकाला और फर्श पर जोर से पटक दिया फिर बोले,"अब क्या करेगी.. बोल.. ?"" कुछ नहीं.. रुची ने कहा
"मैने इसका कनेक्शन.. पडो़स वाली रत्ना भाभी के मोबाइल से जोड़ रखा है..वहां पर भी सारा रिकॉर्डिंग हो रहा है.. आप सब अब पुलिस में जायेगें.. आप सबने मुझे नादान समझ कर.. मेरे दो बच्चे मार दिये..!"
डॉक्टर तुरत अंदर चली गई, सच तो पकड़ा जा चुका था इसलिए पति और सास ने चुपचाप बाहर निकलने में ही अपनी भलाई समझी। रुची झुक कर मोबाइल के टुकडे उठा़ कर सोचने लगी,आज उसने एक झूठ बोल कर अपने बच्चे को बचा लिया.. काश! ये अक्ल उसे पहले आ गई होती....!
स्वरचित डॉ.विभा रजंन( कनक)
Dr.Bibha Ranjan
B/37 Ground floor
Soami nager
South Delhi 110017
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