ऐ मेरी गुलबदन- अजनबी 

 


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मेरी गुलबदन, मेरी जाने चमन।
हम पर कर दो फिदा, जान, तन ,मन ,बदन।।
ऐ मेरी गुलबदन-- - - - 


जब से देखा है तुमको फिदा हो गया।
मेरे महबूब तुमसे वफा हो गया।।
क्या कहूं दिल से दिल का हो गया है मिलन।
ऐ मेरी गुलबदन-- - 


मुझ पर तेरी अदाओं के जादू हुआ।
देख तेरी जवानी बेकाबू हुआ।।
दिल में आके समा जा हो जाए लगन ।।
ऐ मेरी गुलबदन- - - -


नींद आती नहीं रात सोते हुए।
ख्वाब देखा ही करता भोर होते हुए।।
सामने गर जो आती हो जाता मगन ।।
ऐ मेरी गुलबदन -  - - 


तू मुझे ना मिली तो मैं मर जाऊंगा।
बनके पागल कहीं मैं गजल गाऊंगा।।
आके मय्यत पे मेरी ओढाना कफन ।।
ऐ मेरी गुलबदन - - - -
 
हम पर कर दो- - - 
ए मेरी गुलबदन - -  


उपेन्द्र अजनबी 
सेवराई गाजीपुर उ प्र 
मो - 7985797683



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