मुस्‍कान -अजनबी

दिल की खुशी की पहचान होती है मुस्कान। रूठ जाए जब कोई अपना किसी बात पर तो उसको मनाने की जीत में शामिल होती है मुस्कान।होठों के घरौंदे मे  छुपी रहती है मुस्कान। लगता है जब कोई बेगाना अपना सा तो इस छुपे हुए राज़ को खोलती है। मुस्कान।जीवन को सुलझती पहेली है मुस्कान। निराशा भरे जीवन में आशा का संचार है मुस्कान। ना जाने कितने रुप में होती है मुस्कान।पर आखिर में होती है दिल की खुशी का परिणाम।अंतिम शब्दों में अजनबी कवि का पैगाम । मुस्कुराते रहो हर पल सुबह और शाम। ना जाने आपकी मुस्कान हीं हो किसी की जिंदगी में जीने की चाहत का जाम।।


      उपेंद्र अजनबी 
      सेवराई गाजीपुर उ प्र 
     मो - 7985797683



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