आखिर क्यों?
आखिर क्यों भर आते हैं ?
आंसू... आँखों में
अनकहे ..अनचाहे
बिना किसी ... पूर्वसूचना
बिना किसी_ कारण
क्यों बना देते हैं?
पंगु मुझे
क्यों कर देते हैं. .विवश
सबके. .. .समक्ष
क्यों दर्शा जाते हैं?
मुझे असहाय सा...
किंचित जिंदगी से..
उदासीन
रचना पंचपाल नेहरूग्राम ,देहरादून

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