सकेतड़ी का ऐतिहासिक शिव मंदिर-किरण

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केतड़ी शिव मंदिर चंडीगढ़ की सुखना झील के पीछे ' सकेतड़ी ' नामक एक छोटे से गांव में बना हुआ है । यह मंदिर हरियाणा के पंचकूला जिले के अन्तर्गत आता है।यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है। कहा जाता है कि इसका संबंध महाभारत काल से है । पांडवों के वन प्रस्थान के समय का यह मंदिर चंडीगढ़ के मंदिरों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है । यह मंदिर माता मनसा देवी के मंदिर से 4 किलोमीटर दूर है। कहते हैं सच्चे दिल से यहां कोई मन्नत मांगता है तो वह अवश्य पूरी होती है । शिवरात्रि के दिनों में महाशिवरात्रि के पर्व पर तो इस मंदिर की अलग ही छटा देखने को मिलती है ।
 दूर-दूर से श्रद्धालु आकर यहां पर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इस मंदिर में दो शिवलिंग है जोकि अपने आप ही यहां पाए गए हैं । इस मंदिर के नीचे गुफा है, जहां पर रखे गए दूध को सर्प आकर ग्रहण करते हैं ।सबसे बड़ी बात तो यह है कि वे सर्प किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व जब मैंने इस मंदिर को देखा था तब वह एक छोटा सा मंदिर हुआ करता था, जिसने अब एक भव्य विस्तार ले लिया है। अब यहां पर शिवलिंग के अलावा दुर्गा मां के नौ रूपों को दर्शाती मूर्तियों को स्थापित किया है। जिसे नवदुर्गा मंदिर के नाम से जाना जाता है। नवदुर्गा मंदिर पूरे उत्तर भारत में पहला मंदिर है, जहा शैलपुत्री, ब्रह्मचारणी, गुष्माडा, स्कंधमाता, चंद्रघटा, कत्यायानी, कालरात्रि, सिद्धीदात्री जैसी दुर्गा माता के नौ रूप दर्शाए गये हैं। इसके अलावा मंदिर के आंगन में शिव मंदिर, राम मंदिर, हनुमान मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर भी बने हुए हैं।
शिवरात्रि के दिनों में तो यहां पर कई कई किलोमीटर दूर तक भक्तों की कतार लग जाती हैं। सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का जमवाड़ा यहां लग जाता है और दिन भर यही स्थिति रहती है। इस ऐतिहासिक शिव मंदिर की छटा अपने आप में इसे एक विशिष्ट स्थान दिलाती है। कोकोई भी चंडीगढ़ भ्रमण हेतु आता है वह इस मंदिर के दर्शन जरूर करता है । सुखना झील के किनारे - किनारे चलकर इस मंदिर तक पहुंचने का आनंद ही कुछ और है। यह शिव मंदिर एक अद्भुत तीर्थ स्थल है । 


--- किरण बाला,चंडीगढ़


 



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